वो सबका सच्चा दोस्त,
हर मुश्किल से बचाता है ।
गर हाथ उसका थाम लो
वो हर क्षण साथ निभाता है ।
जन्मों जन्मों का नाता उस से,
वो मेरे मन को भाता है ।
कितनी सुन्दर छवि है उसकी,
वो मनमोहन कहलाता है ।
हर दुःख तकलीफ भुला दे और
मुख पर मुस्कान सजाता है ।
वो ही सच्चा सुखदाता है
वो तो गोविन्द कहलाता है ।
कर्त्तव्य की राह दिखाता वो
और सही गलत बतलाता है ।
शरणागत की रक्षा करता,
वो तो गिरधर कहलाता है ।
माया के जाल से बचा हमें,
आध्यात्म की राह दिखाता है ।
मुक्ति का वो दाता है,
वो तो मुकुंद कहलाता है ।
वो मालिक सारी दुनिया का,
मदद करने खुद आता है ।
वो ही तो सबका दाता है,
वो तो माधव कहलाता है ।
भक्तों का कर्ता धर्ता,
वो अद्भुत लीला करता है ।
कष्टों को हर लेता है
वो तो हरि कहलाता है ।
मुरली की तान सुनाता है
माखन और मिश्री खाता है
वृन्दावन का प्यारा लाला
वह तो कान्हा कहलाता है ।
- नेहा की कलम से…


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